हिंदी दिवस पर कविता – Jawaharlal Nehru Favorite Poem in Hindi

Emka News
9 Min Read
हिंदी दिवस पर कविता

हिंदी दिवस पर कविता, जैसा की आप लोगों को मालूम है कि 5 नवंबर को पंडित जवाहरलाल नेहरू की याद में भारत में बाल दिवस मनाया जाता है इस दिन स्कूलों में पंडित जवाहर नेहरू के उपलक्ष में उनके जीवन के बारे में बच्चों को बताया जाता है कि किस प्रकार पंडित जवाहर नेहरू बच्चों को प्यार करते थे और देश के विकास में उनका यह क्या योगदान है बाल दिवस पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन के उपलक्ष में मनाया जाता है क्योंकि उनका 5 नवंबर को हुआ था ऐसे में आप 1 छात्र हैं और बाल दिवस पर कविता लिखना चाहते हैं लेकिन आपको समझ नहीं आ रहा क्या आप इस पर एक बेहतरीन कविता कैसे लिखेंगे तो हमारा आर्टिकल पूरा पढ़ेंगे आज के आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि आप बाल दिवस पर बेहतरीन और ज्ञानवर्धक कविता कैसे लिख सकते हैं आइए जानते हैं

inline single

हिंदी दिवस पर कविता

आता हैं हर वर्ष ये दिन
झूमे नाचे बच्चे संग-संग
देते चाचा नेहरु को श्रद्धांजलि हम
थे यह देश के पहले प्रधानमंत्री
करते थे बच्चों से प्यार
हर जयंती पर होता बच्चो का सत्कार
कच्ची मिट्टी हैं बच्चो का आकार
सच्चे साँचे में ढले यही हैं दरकार
ना हो अन्याय से भरा इनका जीवन
प्रतिज्ञा करो न करोगे बाल शोषण
नन्ही सी कलि हैं ये
भारत का खिलता कमल हैं ये
बाल दिवस पर हैं इन्हें सिखाना
जीवन अनमोल हैं यूँही ना गँवाना
देश के भविष्य हो तुम
शक्तिशाली युग की ताकत हो तुम।

हिंदी साहित्य (Hindi Literature

बचपन है ऐसा खजाना

बचपन है ऐसा खजाना
आता है ना दोबारा
मुस्किल है इसको भूल पाना
वो खेलना कूदना और खाना
मौज मस्ती में बखलाना
वो माँ की ममता और वो पापा का दुलार
भुलाये ना भूले वह सावन की फुवार
मुस्किल है इन सभी को भूलना
वह कागज की नाव बनाना
वो बारिश में खुद को भीगना
वो झूले झुलना और और खुद ही मुस्कुराना
वो यारो की यारी में सब भूल जाना
और डंडे से गिल्ली को मरना
वो अपने होमवर्क से जी चुराना
और टीचर के पूछने पर तरह तरह के बहाने बनाना
बहुत मुस्किल है इनको भूलना…

inline single

वो एग्जाम में रट्टा लगाना
उसके बाद रिजल्ट के डर से बहुत घबराना
वो दोस्तों के साथ साइकिल चलाना
वो छोटी छोटी बातो पर रूठ जाना
बहुत मुस्किल है इनको भुलाना…

वो माँ का प्यार से मनाना
वो पापा के साथ घुमने के लिए जाना
और जाकर पिज्जा और बर्गेर खाना
याद आता है वह सब जबान
बचपन है ऐसा खजाना
मुस्किल है इसको भूलना…

inline single

बाल दिवस पर छोटी सी कविता

नेहरू चाचा तुम्हें सलाम
अमन-शांति का दे पैगाम
जग को जंग से बचाया
हम बच्चों को भी मनाया
जन्मदिवस बच्चों के नाम
नेहरू चाचा तुम्हें सलाम
देश को दी हैं योजनाएं
लोहा और इस्पात बनाए
बांध बने बिजली निकाली
नहरों से खेतों में हरियाली
प्रगति का दिया इनाम
नेहरू चाचा तुम्हें प्रणाम

UP Bhulekh 2023: उत्तर प्रदेश भूलेख खसरा खतौनी नकल ऑनलाइन देखें @ upbhulekh.gov.in

inline single

                चाचा नेहरु प्यारे थे

चाचा नेहरु प्यारे 

भारत माता के राजदुलारे थे!,

inline single

देश के पहले पधानमंत्री थे,

स्वतंत्रता के सैनानी थे!

inline single

अचकन में फूल लगाते थे,

हमेशा ही मुस्काते थे!

inline single

बच्चो से प्यार जताते थे!

चाचा नेहरु प्यारे थे!

inline single

देश विदेश यह घूमते थे,

बहुत सारी जानकारी प्राप्त करते थे,

inline single

फिर भी अपने देश से यह प्यार करते थे!

               चाचा नेहरु राजकुमारे थे!

inline single

                बच्चे इनको सदा प्यार से,

                   चाचा नेहरू कहते।

inline single

               चाचाजी इन बच्चों के बीच,

                   बच्चे बनकर रहते है॥

inline single

               एक गुलाब ही सब पुष्पों में,

               इनको लगता प्यारा।

inline single

                भारत मां का लाल यह,

                 सबसे ही था न्यारा॥

inline single

                 सारे जग को पाठ पढ़ाया,

                   शांति और अमन का।

inline single

                   भारत मां का मान बढ़ाया,

                 था यह ऐसा लाल चमन का॥

                बाल दिवस की कविता|

हिंदी दिवस पर कविता
हिंदी दिवस पर कविता

बाल दिवस है आज साथियों – बाल दिवस पर हास्य कविता

बाल-दिवस है आज साथियो, आओ खेलें खेल ।
जगह-जगह पर आज मची है, खुशियों की रेलमपेल ।
वर्षगाँठ चाचा नेहरू की, फिर से आई है आज…
उन जैसे नेता पर पूरे भारतवर्ष को है नाज।
दिल से इतने भोले थे वो, जितने हम नादान,
बूढ़े होने पर भी मन से थे वे सदा जवान ।
हमने उनसे मुस्काना सीखा, सारे संकट झेल
हम सब मिलकर क्यों न रचाए ऐसा सुख संसार
जहां भाई भाई हों सभी, छलकता रहे प्यार,
न हो घृणा किसी ह्रदय में, न द्वेष का वास,
न हो झगडे कोई, हो अधरों का हास,
झगडे नहीं परस्पर कोई, सभी का हो आपस में मेल,
पड़े जरूरत देश को, तो पहन लें हम वीरों का वेश,
प्राणों से बढ़कर प्यारा है हमें अपना देश,
दुश्मन के दिल को दहला दें, डाल कर नाक नकेल
बाल दिवस है आज साथियों, आओ खेलें खेल…

Sevarth Mahakosh Login, Registration, Payment Slip @ mahakosh.gov.in

बाल दिवस पर कविता – Jawaharlal Nehru Favorite Poem in Hindi

राष्ट्रवाटिका के पुष्पों में,
एक जवाहरलाल।
जन्म लिया जिस दिन लाल ने,
दिवस कहाया बाल॥

बच्चे इनको सदा प्यार से,
चाचा नेहरू कहते।
चाचाजी इन बच्चों के बीच,
बच्चे बनकर रहते॥

एक गुलाब ही सब पुष्पों में,
इनको लगता प्यारा।
भारत मां का लाल यह,
सबसे ही था न्यारा॥

सारे जग को पाठ पढ़ाया,
शांति और अमन का।
भारत मां का मान बढ़ाया,
था यह ऐसा लाल चमन का॥

Bal Diwas Poem in Hindi – चाचा नेहरु ने देखे थे

चाचा नेहरु ने देखे थे,
नव भारत के सपने,
सपने पूरे कर सकते थे,
उनके बच्चे अपने.

ऐसी शिक्षा हमें आपसे
ऐसी शिक्षा हमें आपसे
मिली यही सौभाग्य हमारा
मरकर भी हो गया अमर जो
चाचा नेहरू सबका प्यारा

शालाओं में भी होते हैं,
नये नये आयोजन,
जिन्हें देख आनंदित होते,
हम बच्चों के तन मन.

Bal Diwas Poems Hindi – इस दिन हम सब बच्चें मिलकर

इस दिन हम सब बच्चें मिलकर,
गीत ख़ुशी के गाते.

चाचा नेहरु के चरणों में,
श्रद्धा सुमन चढ़ाते.

बाल दिवस के इस अवसर पर,
एक शपथ यह खाओ.

ऊँच नीच का भेद भूला कर,
सबको गले लगाओ.

जिस दिन लाल जवाहर ने था,
जन्म जगत में पाया।

उसका जन्मदिवस भारत में
बाल दिवस कहलाया।।

Bal Diwas Poem in Hindi – कितनी प्यारी दुनिया इनकी

कितनी प्यारी दुनिया इनकी,
कितनी मृदु मुस्कान।
बच्चों के मन में बसते हैं,
सदा, स्वयं भगवान।

एक बार नेहरू चाचा ने,
बच्चों को दुलराया।
किलकारी भर हंसा जोर से,
जैसे हाथ उठाया।

नेहरूजी भी उसी तरह,
बच्चे-सा बन करके।
रहे खिलाते बड़ी देर तक
जैसे खुद खो करके।

बच्चों में दिखता भारत का,
उज्ज्वल स्वर्ण विहान।
बच्चे मन में बसते हैं,
सदा स्वयं भगवान।

बच्चे यदि संस्कार पा गए,
देश सबल यह होगा।
बच्चों की प्रश्नावलियों से,
हर सवाल हल होगा।

बच्चे गा सकते हैं जग में,
अपना गौरव गान।
बच्चे के मन में बसते हैं,
सदा स्वयं भगवान।

          बाल दिवस कविता

बच्चे होते हैं कितने प्यारे,

प्यारी होती इनकी मुस्कान

सब करते हैं प्यार इनको,

यह होते हैं बहुत शैतान।।

बच्चों का मन होता निर्मल पावन

यह होते आफत की दुकान

भोली सी इनकी मुस्कान

बच्चे होते हैं शैतान।।

कितनी सच्चाई होती बच्चों में

छल कपट से होते अनजान

प्यारा सा यह बचपन इनका

सदा रहे खुशहाल मुस्कान।।

बाल दिवस कविता

बाल दिवस के दिन

कुछ भी करें खेले कूदे नाचे गाएं

लेकिन कम से कम दोस्तों

उस दिन अपने बाल तो न कटवाए

बाल की तो एक मजबूरी है

कटवाना भी तो जरुरी है

अरे, करना ही है तो कुछ ऐसा कर दिखाए

जिसे देखकर हम सभी मुस्कराएं

बच्चें है तो क्या

कुछ बड़ो को भी तो सिखाना है

अपने इन्ही कंधों पर हमकों

राष्ट्र का भार उठाना है.

मुश्किल है बचपन को भुलाना – पंडित जवाहरलाल नेहरू जी पर कविता

वो यारों की यारी में सब भूल जाना
और डंडे से गिल्ली को दूर उड़ाना
वो होमवर्क से जी चुराना
और टीचर के पूछने पर बहाने बनाना
मुश्किल है बचपन को भुलाना
वो एग्जाम में रट्टे लगाना,
फिर रिजल्ट के डर से घबराना!
वो दोस्तों के साथ साईकिल चलाना!
वो छोटी-छोटी बातो पर रूठ जाना
मुश्किल है बचपन को भुलानाभुलान

Share This Article
Follow:
Emka News पर अब आपको फाइनेंस News & Updates, बागेश्वर धाम के News & Updates और जॉब्स के Updates कि जानकारी आपको दीं जाएगी.
Leave a comment