Bageshwar Dham: आखिर क्या विवाद है बागेश्वर धाम सरकार का नागपुर कि कथा मे

Bageshwar Dham: आखिर क्या विवाद है बागेश्वर धाम सरकार का

Bageshwar Dham: नागपुर कि कथा के बाद बागेश्वर धाम के गुरूजी को विवादों मे फ़साने कि कोशिस करी जा रही है, आइये इस विवाद के बार मे हम विस्तार से जानते है,

आखिर बागेश्वर धाम के गुरूजी को लपेटा जा रहा है विवाद मे, बागेश्वर धाम का जो कथाओं मे दिव्य दरबार लगता है जहाँ पर बिना टोकन कि अर्जी लगाई जाति है, नागपुर मे कथा के बीच मे 2 दिनों का दिव्य दरबार लगाया गया है,

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बागेश्वर धाम पर हुई FIR

लेकिन ज़ब तक दिव्य दरबार लग रहा था तब तक कोई विवाद नहीं था, दिव्य दरबार लगने के बाद एक संगठन के व्यक्ति ने बागेश्वर धाम पर आरोप लगाया और Police complaint भी करी गई, नागपुर मे एक कानून है जिसके तहत ये जादूटोना है, फेक है, दोनों कानूनो के अनुसार ये सब करना अपराध है,

ये सब बताया गया है महाशय के द्वारा, इन महाशय ने चैलेंज दिया है हम 10 लोगों को बैठाएंगे और हमें आप 10 लोगों के नाम, पिता का नाम, mobile नंबर सब बताये, गें उनका कहना है, आप उनका नाम बताये.

और इन महाशय का offer है कि 30 लाख रुपए भी दिए जायेगे, वो कहते है कि जो दिव्य दरबार मे होता है वहीं हमारे सामने भी करके दिखाए, लेकिन बागेश्वर धाम सरकार के गुरूजी ने इसके बारे मे कहा है कि कैंसर hospital के काम मे कुछ कारण से उनको धाम पर वापिस जाना पड़ा,

लेकिन बागेश्वर धाम का कहना है कि जब दिव्य दरबार लगा तक आप कहाँ थे, आपको जाना चाहिए था, दूसरी बात ये भी कही है कि ये लोग धर्म विरोधी है, इसलिए ये सब कर रहे है,

लेकिन अब बागेश्वर धाम को इनके प्रमाण पत्र कि जरूरत नहीं है, कि ज़ब तब इनका challange accept नहीं करेंगे तो वो कुछ नहीं है, कितनी सारी कथाएँ हुई है, कितने सारे जगह पर दिव्य दरबार लगाया है जोकि पूर्णतः सच था,

Bageshwar Dham: आखिर सच बाहर आ ही गया है सभी media के सामने

बागेश्वर धाम का विवाद क्या है ?

एक एक बात सच है, लाखो लोगों कि मनोकामनायें पूरी हुई है, लाखो लोगों के दुख दर्द दूर हुए और हो रहे है, ना किसी से एक रुपया लिया जाता है, पूर्णतः मुफ्त है, अब बागेश्वर धाम को इनके प्रमाण पत्र कि जरूरत नहीं है,

हो सकता है कि इन महाशय को अर्जी लगवानी है, क्योंकि अर्जी सबकी नहीं लगती है, कुछ लोगों कि ही लगती है जिन पर कृपा होती है, ये तो काम निकलवाना हो गया दूसरे नजरिये से,

कोई भी बोले बागेश्वर धाम के गुरूजी से कि आओ दम है तो बताओ मेरे बारे मे तो इसका लोग फायदा भी उठातें है, और जरूरत नहीं है इनके challenge को लेने के लिए, करना ना करना उनका काम आपका नहीं, उनकी मर्जी है.

ज़ब कोई ब्यक्ति सही तरीके से आगे बढ़ता है, तो धर्म विरोधक हमेशा ऐसी बातें करते है जिससे सीधा focus उन पर पड़े और वो भी फेमस हो जाएँ, लाखों लोग ये सब करते रहते है.

आखिर क्या विवाद है बागेश्वर धाम सरकार
आखिर क्या विवाद है बागेश्वर धाम सरकार

श्याम मानक जोकि अखिल भारतीय अंध श्रद्धा निर्बला समिति 

के सह अध्यक्ष है इनको दिव्य दरबार से समस्या है, इनका कहना है कि धर्म के नाम पर ठगी होती है, लोगों का शोषण होता है, श्याम मानक जी दिव्य दरबार को जादू टोना मान रहे है, श्याम मानक को सीधे दिव्य दरबार से समस्या है,

जोकि सभी लोग दिव्य दरबार को देखते है और लोगों के मन कि बात और कई सारी बातें बता देते है और समाधान भी देते है और लाखो लोगो के साथ ऐसा हुआ है, और वो आज ख़ुश है.

आने वाली कथाये

बागेश्वर धाम सरकार

तब ये जादू टोना कैसे हुआ ? ज़ब लोग जिनके साथ या जो लोग दिव्य दरबार मे आते है उनको गुरूजी से कोई समस्या नहीं है, और गुरूजी कि बताई बात से पूर्णतः संतुस्ट है तब श्याम मानक जी को भी कोई समस्या नहीं होनी चाहिए.

श्याम मानक जी नागपुर मे बने कानून के बदौलत बोल रहे है जोकि जादू टोना नाम से बनाया गया है, लेकिन दिव्य दरबार मे जादू टोना जैसा कुछ नहीं है, हालांकि बागेश्वर धाम के गुरूजी ने कहा है कि नागपुर का ये कानून है वो भी इस कानून का सम्मान करते है लेकिन दिव्य दरबार जादू टोना नहीं है.

सच क्या है ? बागेश्वर धाम

हालांकि गुरूजी बोलते है कि ज़ब आप किसी को अर्जी के लिए आप बुलाये तो वो व्यक्ति आपकी पहचान का ना हो शायद इसलिए गुरूजी ने challange स्वीकार नहीं किया लेकिन इनके challange को स्वीकार करना कोई जरूरी नहीं है.

लोग ये छोटे छोटे विवादों मे फसाकार गुरूजी तो और आगे बढ़ रहे है क्योंकि कहीं झूठ नहीं है, कृपया ये छोटे छोटे विवाद ना बनाये अपनेआप को प्रचलित करने के लिए.

बागेश्वर धाम का सच सामने आया दिव्य दरबार में

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