MRI Full Form Hindi

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

MRI Full Form Hindi, MRI का हिंदी मे फुल फॉर्म मैगनेटिक रेजोनेन्स इमेजिंग होता है। तो दोस्तों आज किस आर्टिकल में हम जानने वाले हैं MRI full form के बारे मे की MRI को हिंदी मे क्या कहते है, MRI क्या है, MRI कैसे होती है और MRI कब और किस स्थिति मे की जाती है,

इन सभी विषयों पर हम आपसे इस आर्टिकल में चर्चा करने वाले हैं।अगर आप भी यह जानना चाहते हैं कि MRI फुल फॉर्म, MRI full form  क्या होता है। तो हमारे MRI full form आर्टिकल में अंत तक जरूर बने रहे।

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका हमारे इस मैं आशा करता हूं कि आप सभी लोग पूरी तरह से ठीक होंगे, आज किस आर्टिकल में हम आपको एक नई जानकारी के साथ जोड़ने वाले हैं जिसमें हम आपको बताएंगे MRI full form के बारे मे इस आर्टिकल में हम आपको इससे संबंधित समस्त प्रकार की जानकारी उपलब्ध कराएंगे जिससे आपको पूरी जानकारी अच्छे से प्राप्त हो जाएगी तो लिए शुरू करते हैं।

दोस्तों यहां पर बहुत सारे लोग ऐसे होंगे जिन्होंने MRI उसका नाम जरुर सुना होगा कुछ लोगों को उसके बारे में कुछ हद तक जानकारी भी प्राप्त होगी लेकिन अभी भी अधिकतर लोगों से जिनको अभी तक MRI के बारे में किसी भी प्रकार की जानकारी प्राप्त नहीं है। लेकिन उन्होंने MRI का नाम जरुर सुना है इसलिए वह यह जानना चाहते होंगे की MRI क्या है। इसका उपयोग कब किया जाता है और MRI का पूरा नाम क्या है। तो दोस्तों अगर आपको भी MRI के बारे में किसी भी प्रकार की जानकारी का पता नहीं है और उसके बारे में जानना चाहते हैं तो आप घबराइए मत आप एकदम बिल्कुल सही वेबसाइट पर आ गए हैं जहां हम आपको इससे संबंधित पूरी तरह से सटीक जानकारियां प्रदान करेंगे। लेकिन इसके लिए सबसे पहले आपको हमारे इस आर्टिकल MRI full form पर अंत तक बना रहना होगा।

MRI क्या है?

MRI एक प्रकार की तकनीक है जो शरीर की आंतरिक भागों की इमेजिंग करता है, यह एक प्रकार की मशीन होती है जिसके अंदर ऐसी एक  इलेक्ट्रॉनिक मशीन फिट होती है जो शरीर की आंतरिक भागों की पिक्चर्स निकालकर प्रिंटर में स्कैन कर देती है। जिससे हमारे शरीर में अंदर मौजूद  हड्डियों से लेकर नसो तक की संपूर्ण जानकारी प्राप्त हो जाती है,

और पता चल जाता है कि किस प्रकार की समस्या या परेशानी हमारे शरीर के अंदर मौजूद है यह संपूर्ण जानकारी की स्कैनिंग इस मशीन के द्वारा हो जाती है जिसके बाद डॉक्टर मशीन के द्वारा निकाले गए शरीर के अमेजिंग या तस्वीरों को देखते हैं और आपको बता देते हैं कि आपके शरीर के अंदर मौजूद कौन सी हड्डी या नस या फिर किस प्रकार की समस्या मौजूद है जिसके बाद आपका इलाज सटीकता से होता है।

सीधे-सीधे शब्दों में कहे तो MRI एक प्रकार की ऐसी तकनीकी जो शरीर के आंतरिक भागों की इमेजिंग करता है और हमारे शरीर के अंदर की तस्वीरों को खींचकर बाहर प्रिंटर में से निकाल देता है।

MRI full form

MRI का full form Magnetic Resonance Imaging

मशीन होता है। जिसको चुम्बकीय अनुनाद इमेजिंग कहते है। यह प्रकार की मशीन है जो शरीर के आंतरिक अंगों की तस्वीर लेती है।

M :-  Magnetic

R :-   Resonance

I :-    Imaging

MRI कब की जाती है।

सामान्य तौर पर MRI उस समय की जाती है जब मानव शरीर के किसी आंतरिक अंग की जांच होनी हो, ऐसी स्थिति में MRI की जांच होती है। आइये जानते है फिर भी किन-किन स्थिति मे इस प्रकार की जाँच होती है।

  • मस्तिष्क रोग से सम्बंधित रोगियों के लिए
  • हड्डियों की जाँच के लिए
  • नसो मे बनी परेशानी की जाँच चेक करने को
  • पेट मे बनी समस्या की जाँच के लिए
  • हृदय मे बनी समस्या की जाँच के लिए
  • ब्रेन की जाँच के लिए

MRI कैसे होती है।

MRI वैसे तो बहुत ही आसानी से हो जाती है क्योंकि इसमें मशीन के अंदर पेशेंट को कर दिया जाता है जिसके बाद उसकी शरीर की जांच हो जाती है। लेकिन MRI करने से पहले पेशेंट को कुछ प्रकार की तैयारी करनी होती है। जैसे की…

  • MRI होने से पहले पेशेंट को कुछ खा लेना चाहिए या फिर अगर आपकी दवाइयां चल रही है तो आप कौन दवाइयां का सेवन भी कर लेना चाहिए।
  • इस जांच के दौरान आपको स्वयं के कपड़ों को बिल्कुल नहीं पहनना चाहिए अस्पताल द्वारा मुहैया कपड़ों को पहनकर ही MRI करवाये.
  • MRI करवाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

इस तरह से MRI करवाते समय आपको एक प्रकार की सीट पर सुला दिया जाता है जिसके बाद वह सेट मशीन के अंदर प्रवेश कर जाती हो और आप पूरी तरह से ढक जाते हैं। उस्मान मशीन के अंदर भी एक प्रकार की मशीन प्रवेश होती है जो आपकी प्रत्येक शरीर की जांच करेगी। मशीन के अंदर एक प्रकार का माइक भी लगा रहता है जिसके द्वारा आप जो भी बोलेंगे वह डॉक्टर को जरूर सुनाई देगा इस तरह से आप को भी डॉक्टर के द्वारा कही गई बातें मशीन के अंदर सुनाई देगी। MRI करने में लगभग 15 से 50 मिनट तक का समय लगता है इसके बाद आपके संपूर्ण बॉडी या शरीर की जांच हो जाती है।

MRI करवाने से पहले इन बातों का रखे ध्यान

आप सीधे जा कर के MRI को नहीं करवा सकते इसके पहले आपको कुछ प्रकार की तैयारी करनी पड़ती है जिसमें आपको इन बातों का ध्यान रखना बहुत ही आवश्यक हो जाता है. जैसे की…

  • आपके हाथ मे वॉच नहीं रहनी चाहिए।
  • अंगूठी भी नहीं पहनना चाहिए।
  • किसी भी प्रक्रिया की माला या चैन भी ना पहने।
  • महिलाये जाँच करवाने से पहले कंगन और चूड़ियाँ ना पहने।
  • यहाँ तक मंगलशुत्र को भी जरूर उतार दें।
  • शरीर मे किसी भी प्रकार की धातु की वस्तु ना पहने।
  • MRI होने के बाद जाँच की तस्वीरें जरूर ले लेवे।
  • MRI की एक कागज की स्लिप को लेना भी ना भूले।
  • अंत मे MRI की सभी जांचो को अपने डॉक्टर को भी जरुर दिखाए।

समापन

तो दोस्तों मैं आशा करता हूं कि आपको हमारे द्वारा बताई गई है जानकारी कभी पसंद आई होगी आप अपनी जिंदगी सवालों का जवाब खोजने के लिए हमारे इस आर्टिकल पर आए थे। उससे आपको सभी प्रकार की जानकारी जरूर प्राप्त हो गई होगी, इसके बाद भी आपको अगर इस लेख से संबंधित या फिर MRI से संबंधित किसी भी प्रकार के प्रश्न रह गए हो तो,आप हमें कमेंट करके जरूर बताएं ताकि हम आपकी समस्या का निवारण कर सके।

दोस्तों अगर आपको हमारे द्वारा प्रदान की गई है जानकारी इनफॉर्मेटिव या पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ शेयर जरूर करें ताकि उनको भी इस जानकारी की सटीक जानकारी प्राप्त हो सके।

इसे पड़े – Sbi Warning: SBI ने अपने 50 करोड़ ग्राहकों के लिए जारी किया जरूरी अलर्ट, इसके बाद बैंक की नहीं होगी कोई जिम्मेदारी

Hanuman chalisha Pdf Download

Faq

  • MRI का फुल फॉर्म क्या है?

    MRI का full form Magnetic Resonance Imaging मशीन होता है। जिसको चुम्बकीय अनुनाद इमेजिंग कहते है।

  • MRI करवाने मे कितनी फीस लगती है?

    MRI की जांच की फीस अलग-अलग हॉस्पिटल मे भिन्न हो सकती है, इसके अलावा MRI की फीस इस बात पर भी निर्भर करती है की आपके किस अंग की जाँच होनी है। लेकिन सामान्य तौर पर  MRI की जांच की प्रारंभिक फीस ₹3000 से शुरू हो जाती है।

  • MRI से क्या पता चलता है?

    MRI से यह पता चलता है कि आपके शरीर की आंतरिक अंग में किस प्रकार की समस्या है या फिर आपकी शरीर के अंदर कौन सी बीमारी मौजूद है जिससे आपको यह पता चलता है कि किस प्रकार से सटीकता से इसका इलाज हो होगा।