एस जयशंकर का जीवन परिचय ( Jaishankar Biography in Hindi)

Emka News
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एस जयशंकर का जीवन परिचय (s Jaishankar Biography in Hindi) मोदी सरकार के फायरब्रांड मंत्रियों की सूची में एस जयशंकर का नाम सबसे ऊपर आता है, एस जयशंकर अपने बयानों के लिए जाने जाते हैं, उनके बयान पूरी दुनिया में वायरल होते हैं, भारत को दुनिया में एक शक्तिशाली देश के रूप में स्थापित करने में एशिया शंकर की भूमिका काफी अहम है क्योंकि आज की तारीख में भारत के विदेश नीति का लोहा अमेरिका जैसे देश भी मानते हैं,

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यही वजह है कि कई लोगों के मन में एस जयशंकर के नीचे जीवन के बारे में जानने की उत्सुकता तेजी के साथ बढ़ रही है कि एस जयशंकर कौन है? शुरुआती जीवन शिक्षा परिवार राजनीतिक करियर उपलब्धि सोशल मीडिया लिंक कुल संपत्ति इन सब के बारे में अगर आप नहीं जानते हैं तो हमारे साथ आर्टिकल पर बने रहे हैं आइए जानते हैं- 

एस जयशंकर का जीवन परिचय ( Jaishankar Biography in Hindi)

पूरा नामसुब्रह्मण्यम जयशंकर
जन्मतिथि9 जनवरी 1955
उम्र
जन्म स्थाननई दिल्ली
शिक्षाM.a.
स्कूलवायु सेना केंद्रीय विद्यालय, नई दिल्ली
विश्वविद्यालयसेंट स्टीफंस कॉलेज, नई दिल्ली• जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू)
गृहनगर नई दिल्ली
कद5 फ़ीट 5 इंच
आंखों का कलरकाला
बालों का रंगस्लेटी
नागरिकताभारतीय
जातिब्राह्मण
राजनीतिक दलभारतीय जनता पार्टी
पेशा राजनेता
वैवाहिक स्थितिशादीशुदा
धर्महिंदू धर्म
सैलरी₹100000 प्लस अतिरिक्त भत्ते
जयशंकर का जीवन परिचय ( Jaishankar Biography in Hindi)

कौन हैं सुब्रह्मण्यम जयशंकर?

एस जयशंकर भारत के आज के तारीख में भारत के विदेश मंत्री और उनका पूरा नाम सुब्रमण्यम जयशंकर है विदेश मंत्री के पद पर आसीन होने से पहले ही भारत के कई महत्वपूर्ण डिप्लोमेट पदों पर काम कर चुके हैं इनके पास कुल मिलाकर 20 सालों के डिप्लोमेट का अनुभव है यही वजह है कि 2019 में देश के प्रधानमंत्री ने उन्हें भारत का विदेश मंत्री बनाया था

एस जयशंकर का जीवन परिचय

एस जयशंकर का प्रारम्भिक जीवन 

एस जयशंकर का जन्म 9 जनवरी 1955 को दिल्ली में रहने वाले ब्राह्मण परिवार के घर में हुआ था उनके पिता का नाम के सुब्रमण्यम है | जो एक मशहूर राजनीतिक मामलों के एक्सपर्ट पत्रकार और सिविल सेवा अधिकारी रह चुके हैं सबसे महत्वपूर्ण बातें कि उनके पिताजी की विदेशों में  कई महत्वपूर्ण डिप्लोमेट पदों पर काम कर चुके हैं यही वजह है कि बचपन से अपने पिता का प्रभाव रहा था और उन्होंने बचपन में लक्ष्य निर्धारित किया था उन्हें डिप्लोमेट बनना है | 

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 उनके माता का नाम सुलोचना जयशंकर थीं। 

एस जयशंकर की शिक्षा 

एस जयशंकर ने अपनी प्राथमिक शिक्षा एयर फ़ोर्स सेंट्रल स्कूल, नई दिल्ली से प्राप्त की।  इसके बाद उन्होंने अपनी स्नातक की परीक्षा सेंट स्टीफन कॉलेज नई दिल्ली से पूरी चाहिए फिर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में उन्होंने इंटरनेशनल रिलेशनशिप सब्जेक्ट में एमफिल और पीएचडी की डिग्री प्राप्त कर सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी | जहां पर उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा अच्छे नंबरों से पास किया इसके बाद उन्हें भारतीय विदेश सेवा मे ज्वाइन करने का अवसर मिला इसके बाद उनकी डिप्लोमेट करियर की शुरुआत हुई और 20 साल तक और दुनिया के कई देशों में हुआ ब्रांड एंबेसडर और विदेशी मामलों के कई अहम पदों पर कार्यरत रहे थे |  

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एस जयशंकर का परिवार

पिता का नामके सुब्रह्मण्यन
माता का नामसुलोचना स्वामी
भाई का नामसंजय सुब्रमण्यन , एस विजय कुमार
पत्नी का नामक्योको जयशंकर
बच्चेबेटा  – 2 , ध्रुव जयशंकर एवं अर्जुन जयशंकर बेटी -1, मेधा जयशंकर
जयशंकर का जीवन परिचय ( Jaishankar Biography in Hindi)

Career of S. Jaishankar 

एस जयशंकर ने 1977 में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद इंडियन फॉरेन सर्विस का एग्जाम दिया जिसे उन्होंने कहा कि अच्छे नंबरों से पास किया इसके बाद उन्हें सोवियत यूनियन के मास्को और श्रीलंका के भारतीय सेनाओं में शांति मिशन के कई पदों पर काम करने का अवसर उन्हें मिला जहां पर उन्होंने  अच्छा प्रदर्शन किया | एस जयशंकर ने कई देशों में India के Ambassador कार्य किया है  United States of America, China और Czech Republic में Ambassador  के रूप में एस जयशंकर काम किया है

इसके अलावा सिंगापुर में उन्होंने हाई कमिश्नर के रूप वर्क किया है यही कारण है कि उनके पास विदेशी मामलों का गहन जाने जिसके कारण उन्हें 2019 में विदेश सचिव से सीधे मोदी कैबिनेट में विदेश मंत्री का पद दे दिया गया और विदेश मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल की अगर हम चर्चा करें तो भारत के इतिहास में सबसे सफल विदेश मंत्री में उनकी गिनती की जाएगी कि उन्होंने अपनी विदेश नीति से भारत का डंका विश्व के पटल पर बजाया है और आज की तारीख में दुनिया के अधिकांश मजबूत देश भारत के विदेश नीति का लोहा मानते हैं.

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एस जयशंकर राजनितिक सफर  

एस जयशंकर के राजनीतिक सफर के बारे में अगर हम बात करें तो 2019 से पहले उनकी पहचान ब्यूरोक्रेसी और डिपार्टमेंट के तौर पर थी लेकिन 2019 में जब मोदी दोबारा से देश के प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने एस जयशंकर को विदेश सचिव से सीधे विदेश मंत्री बनाने का निर्णय लिया उसके बाद ही उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई,

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2019 में जब मोदी सरकार दोबारा से गठित हुई तो देश के प्रधानमंत्री ने उन्हें विदेश मंत्री का कार्यभार दिया कि तुम को मालूम था कि जयशंकर के बाद विदेशी मामलों को संभालने का व्यापक अनुभव है ऐसे में विदेश मंत्री बनाने से भारत की विदेश नीति और ज्यादा मजबूत होगी एस जयशंकर ने भारत की विदेश नीति को पारदर्शी और मजबूत किया है और सबसे है माथे की आज की भारत की छवि दुनिया के मंच पर बदलते हुए भारत के रूप में प्रफुल्लित हुई है आज ऐसा कोई देश नहीं है जो भारत के साथ अपने संबंध मजबूत ना करना चाहता हूं भारत की विदेश नीति आज दुनिया के हर एक देश में तेजी के साथ विस्तारित हो रही है,

भारत के विदेश नीति का उदाहरण रूस और यूक्रेन के युद्ध के दौरान देखा गया था जब भारत के ऊपर विदेशी देशों ने दबाव बनाने की कोशिश या ताकि भारत और उसका विरोध करें लेकिन भारत ने साफ तौर पर कहा कि भारत भी युद्ध के खिलाफ है लेकिन भारत इस मामले पर विशेष रहेगा और वह दोनों देशों से युद्ध समाप्त करने की पहल करेगा यही वजह है कि यूक्रेन के प्रधानमंत्री ने भारत के प्रधानमंत्री से रूप से बात करने की भी गुजारिश की थी और भारत के प्रधानमंत्री ने कहा था कि आज का समय युद्ध का नहीं है बल्कि विकास का है और किसी भी समस्या का हल बातचीत है ना कि युद्ध भारत के प्रधानमंत्री की इस बयान की पूरी दुनिया में प्रशंसा की थी 

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एस जयशंकर अपने बयानों के लिए भी जान जाते हैं क्योंकि दुनिया के मंच पर भारत की बात बात काफी मजबूती के साथ रखें एक बार वेस्टर्न मीडिया ने उनसे पूछा कि भारत रूस से तेल क्यों ले रहा है तो उन्होंने कहा कि वेस्टर्न देश जितना तेल 1 दिन में रूस ले रहा है उतना तेल भारत महीने में ले रहा है इसलिए वेस्टर्न का दोहरा मापदंड नहीं चलेगा और भारत अपने हित के रक्षा के लिए कहीं से भी तेल खरीद सकता है इसलिए किसी भी देश को भारत के इन मामलों में बोलने का अधिकार नहीं है,

उनके इस बयान की वेस्टर्न मीडिया भी खूब चर्चा कर रही थी हालांकि कुछ देशों को उनका यह बयान काफी खराब लगा था  2024 में उन्हें बेंगलुरु से लोकसभा का उम्मीदवार बनाया जा सकता है हालांकि इसके बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है लेकिन मीडिया सूत्रों की मानें तो उन्हें लोकसभा का चुनाव लड़ा जा सकता है ऐसे में देखना होगा कि लोकसभा के चुनाव में उन्हें टिकट कहां से दिया जाता है क्योंकि आज की तारीख में जयशंकर राज्यसभा के सांसद है,

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एस जयशंकर की उपलब्धियां

एस जयशंकर की उपलब्धियों के बारे में अगर बात करें तो उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है कि उन्होंने भारत के विदेश नीति को दुनिया साथ ही मजबूत किया है यही वजह है कि आज की तारीख में दुनिया के किसी भी मंच पर भारत अपनी बात को अपने शब्दों पर कह सकता है और दुनिया के तमाम बड़े महाशक्ति देश भारत से दोस्ती के लिए उत्साहित हैं यही वजह है कि अमेरिका और रूस दोनों भारत को अपने खेमे में लेना चाहते हैं,

हालांकि रूस के साथ भारत के संबंध में अमेरिका की कोशिश भारत को रूस से दूर किया जाए इसके बावजूद भी भारत अपनी संतुलित विदेश नीति के कारण दोनों देशों से अपने संबंध बनाए हुए हैं और भारत का कहना है कि वह निरपेक्ष होकर देश के समस्याओं पर अपनी राय रखेगा वह किसी भी खेमे में सम्मिलित नहीं होगा इन सभी चीजों के करने के पीछे जयशंकर की सबसे अहम भूमिका है ऐसे में एस जयशंकर की उपलब्धियों के बारे में बात करें तो उनकी उपलब्धियों का विवरण हम आपको नीचे दे रहे हैं आइए जानते हैं

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  • साल 1979 में, मास्को में भारतीय मिशन का  प्रथम सचिव नियुक्त किया गया
  •  1985 में एस. जयशंकर, वाशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास में प्रथम सचिव के रूप में नामित किया गया
  • 1988 में, इंडिया शांतिपूर्ण मिशन राजनीतिक सलाहकार और श्रीलंका में भारतीय मिशन प्रथम सचिव बनाए गए
  • साल 1996 में,  टोक्यो में भारतीय दूतावास के प्रमुख पद पर उनको नियुक्त किया गया
  • . साल 2000 में, चेक रिपब्लिक में भारत के एंबेसडर नियुक्त किया गया
  • . साल 2004 में, उन्हें दिल्ली के foreign ministry  के अंतर्गत सेंट्रल ऑफिसर के पद पर नियुक्ति की गई
  • . साल 2007 में, एस. जयशंकर को सिंगापुर में, भारत हाई कमिश्नर का पद संभाला
  •  साल 2009 में, उन्हें 4.5 साल के लिए चाइना का राजदूत नियुक्त किया गया एस जयशंकर पहले ऐसे राजदूत थे  जिन्होंने इतना लंबा समय चीन में गुजारा
  • साल 2013 में, उन्होंने अमेरिका में Ambassador के रूप में काम किया।
  •  29 जनवरी 2015 को, डॉ एस. जयशंकर को, भारत के विदेश सचिव के रूप में चुना गया। 
  • . 3 मई 2019 मोदी सरकार के कैबिनेट में उन्हें विदेश मंत्री बनाया गया

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SCO कश्मीर मीटिंग पाकिस्तान के विदेश मंत्री को मुंहतोड़ जवाब देना

कुछ दिन पहले कश्मीर में SCO मीटिंग का आयोजन किया गया था जिसमें SCO के जितने भी विदेश मंत्री थे उनको आमंत्रित किया गया था  जिसके कारण इस मीटिंग में पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो भी सम्मिलित हुए थे और उन्हें दोबारा से भारत के खिलाफ जहर उगला जिसका जवाब देते हुए जयशंकर ने कहा था पाकिस्तान की पुरानी आदत है कि वह हर अंतरराष्ट्रीय मंच इस्तेमाल भारत के खिलाफ करता है

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लकी भारत ने इसका कड़ा विरोध करता था और और उनके इस बयान पर ए जयशंकर ने कहा था कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और आगे भी रहेगा और साथ में उन्होंने पाकिस्तान के विदेश मंत्री को हिदायत दी कि कश्मीर से उनका कुछ भी लेना देना नहीं है और ना ही उनका G20 मीटिंग से क्योंकि इसका आयोजन कश्मीर में कुछ दिनों पहले कर दिया गया है

जयशंकर नेटवर्थ 

एस जयशंकर कुल संपत्ति कितनी है तो हम आपको बता दें कि इनका कूल Net worth 15 करोड़ 82 लाख 54 हजार 942 रूपये की संपत्ति है। इस बात की जानकारी उन्होंने राज्यसभा चुनाव नामांकन के दौरान दिया था

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एस जयशंकर सोशल मीडिया लिंक्स 

FAQ’s

  • Q: एस. जयशंकर का जन्म कब और कहाँ हुआ था?

    Ans:   एस. जयशंकर का जन्म 9 जनवरी 1955 को नई दिल्ली में हुआ था।

  •  Q: एस. जयशंकर कौन हैं?

    ANS:   एस. जयशंकर भारत के वर्तमान विदेश मंत्री हैं।

  • Q: विदेश मंत्री बनने से पहले किस पोस्ट पर नियुक्त थे, 

    ANS:  विदेश मंत्री बनने से पहले, एस. जयशंकर विदेश सचिव के पद पर नियुक्त थे I 

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