बैंक क्या है, भारत मे बैंको के कितने प्रकार है?

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बैंक क्या है, भारत मे बैंको के कितने प्रकार है?

हेलो दोस्तों! क्या आपको पता है की बैंक क्या है, हमें बैंक की आवश्यकता क्यों पडती है, भारत मे बैंको के कितने प्रकार है और बैंको का महत्त्व क्या है अगर आपको भी इन सभी प्रश्नों का जवाब पता नहीं है और इन प्रश्नों के उत्तर ढूंढ़ रहे है तो अब आप चिंता मत कीजिये आप एक दम सही ब्लॉग पर आये है हम आपको बताते है इन सभी प्रश्नों के बिल्कुल सटीक जवाब, चलिए शुरू करते है।

वर्तमान समय आधुनिकता का युग है और इस आधुनिकता के समय में बैंकों का महत्व सबसे अधिक है आपके हमारे परिवार में या फिर यूँ कहे की आज के समय में शायद ही ऐसा कोई इंसान होगा जिसका किसी ना किसी बैंक में खाता नहीं खुला हो भारत में लगभग 10 साल से ऊपर के सभी बच्चों और बुजुर्गों के बैंकों में खाते हैं,

और यह भारत के लोगों के लिए बहुत ही अच्छी बात है कि अब उनके खाते बैंक में है और और बैंकों के माध्यम से एक सुरक्षित लेनदेन कर रहे हैं क्योंकि पहले के समय मे बैंकों के अभाव के कारण लोग साहूकार और महाजनों के द्वारा ठगा करते थे जिससे उनके परिवार हुए खुदका जीवन स्तर नहीं उठ पता था, लेकिन आज के समय मे बैंको के होने के कारण यह समस्या लगभग अब ख़त्म होती जा रही है।

लेकिन जहाँ एक और भारत मे बैंको के विस्तार से कुछ लोग इसके माध्यम से फायदा उठा रहे है और इनकी सुविधाओं का पूर्ण लाभ उठा रहे है। वही देश की लगभग 50% से अधिक जनसंख्या को बैंको के बारे मे कोई सटीक जानकारी प्राप्त ही नहीं है जिससे बैंको की सभी सुविधाओं का पूर्ण लाभ उन्हें नहीं मिल पता है जिसका पूरा असर भारत के लोगों के विकास मे दिखाई दे रहा है की एक और कुछ लोग बहुत धनवान है तो वही कुछ लोग बहुत निर्धन है ऐसा इसलिए होता है क्योंकि भारत मे बैंको द्वारा बहुत सी योजनाएं और सुविधाओं का लाभ सभी को नहीं पाता है।

मैं आपको बता दूँ की पहले इन्ही लोगों मे से एक मैं भी था जिसे बैंको की कोई भी जानकारी जैसे बैंक क्या होते है, बैंको द्वारा दिए जाने वाली सुविधाओं का लाभ कैसे, बैंको का लाभ क्या है इन सभी जानकारी से पूरी तरह से अनभिज्ञ था लेकिन अब मैंने अपना बैंक अकाउंट को एक बार फिर किसी और बैंक मे खुलवाया और इसकी एक-एक जानकारी को मैंने अच्छे से समझा तो मुझे पता चला की हमारे लिए बैंको का कितना महत्त्व है।

लेकिज अब मुझे बैंको के बारे बहुत सी जानकारी अच्छे से पता चल चुकी है इसलिए मैंने सोचा की इसकी कुछ मुख्य जानकारी को आपके साथ शेयर करना चाहिए ताकि आप भी बैंको की सुविधाओं का सही-सही लाभ आंगे मिल सके।

तो दोस्तों अगर आप भी बैंको के बारे समस्त जानकारी प्राप्त करने मे रूचि रखते या जानना चाहते है तो हमारे इस लेख अंत तक पढ़ना ना भूले।

तो चलिए मित्रो अब हम बैंको की समस्त जानकारी का अध्यन नीचे कुछ बिन्दुओ के माध्यम से करते है।

बैंक क्या है, भारत मे बैंको के कितने प्रकार है?

बैंक क्या है?

अगर आप बैंको के बारे मे जानना चाहते है तो आपको सबसे पहले यह पता होना चाहिए की आखिर बैंक क्या होते है तो हम आपको बता दे की बैंक उस सरकारी या निजी वित्तीय संस्था को कहते है जहाँ पर हम अपने पैसो का लेन-देन करते है जैसे की पैसो को जमा करना और पैसो को निकालना  जहाँ पर भी हमारे पैसो की इन सभी गतिविधियों को पूरा किया जाता है उसे हम बैंक कहते है।

वही दूसरे शब्दों मे बैंको को हम परिभाषित करें तो बैंक बैंक उस वित्तीय संस्था को कहते है जो धन के लेनदेन का कार्य करती है और जनता की बचत को जमा के रूप मे स्वीकार करती है जिस पर बैंक हमें कुछ प्रतिशत का ब्याज भी देती है वही जरुरत पढ़ने पर उन पैसो का भुगतान भी करती है ऐसी संस्थाओ को ही हम बैंक के नाम से जानते है।

भारत मे बैंक का इतिहास

वैसे तो हम अगर बैंको की शुरुआत की बात करें तो विश्व का सबसे पहला बैंक यूरोप मे लगभग 14वी शताब्दी मे आ गया था जिसका वर्तमान नाम बंका मोंटे देई पासची डि सिएना है। लेकिन अगर हम भारत मे बैंको की शुरुआत की बात करें तो इसकी शुरुआत भारत मे ब्रिटिश काल के दौरान 1770 मे हुयी थी जिसका नाम बैंक ऑफ़ हिंदुस्तान था, इसके बाद सन 1786 मे बैंक ऑफ़ कलकत्ता का की शुरुआत हुयी और भारत का तीसरा बैंक भी ब्रिटिश काल के दौरान ही 1806 मे बैंक ऑफ़ बंगाल का निर्माण हुआ यह भारत के प्रथम तीन बैंक थे जिन सभी को ब्रिटिश सरकार द्वारा चलाया गया।

वर्तमान मे भारत की सबसे बड़ी बैंक का नाम रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया(RBI) है जिसकी शुरुआत भारत मे 1935 मे हुयी थी यह भारत की सबसे बड़ी बैंक है जिसे बैंको का बैंको भी कहा जाता है यह भारत की अर्थव्यवस्था को भी संचालित करने मे सहायता करता है। रिज़र्व बैंक इंडिया का मुख्यालय मुंबई महाराष्ट्र मे है वर्तमान मे इसके गवर्नर शक्तिकांत दास जी है।

भारत मे बैंको के प्रकार

अगर भारत मे बैंको के प्रकार की बात करें तो भारत मे मुख्य रूप से तीन प्रकार की बैंक काम कर रही है।

  1. कॉमर्शियल बैंक
  2. पेमेंट बैंक
  3. सहकारी बैंक

चलिए इन बैंको के प्रकार को थोड़ा कुछ शब्दों के माध्यम से जान लेते है।

1.कॉमर्शियल बैंक

क्या आपको पता है की कॉमर्शियल बैंक कौन से बैंक होते है शायद कुछ लोगों ने तो इस बैंक का नाम भी बहुत कम ही सुना होगा, तो हम आपको बता दे की कॉमर्शियल बैंक किसी बैंक का विशेष नाम नहीं है बल्कि इसके अंदर चार प्रकार की बैंक काम करती है। पहला है पब्लिक सेक्टर बैंक, दूसरा प्राइवेट सेक्टर बैंक, तीसरा है विदेशी बैंक और चौथा और आखिरी बैंक है क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक

  1. पब्लिक सेक्टर बैंक को राष्ट्रीय बैंक के अंतर्गत रखा गया है क्योंकि इसमें कारोबार का 70% से अधिक हिस्सा सरकार का ही रहता है। इसकी मुख्य शाखा स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया है जबकि यूनियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ़ बड़ोदा, केनेड़ा बैंक और बैंक ऑफ़ इंडिया जैसी शाखाएं भी काम करती है।
  2. प्राइवेट सेक्टर बैंक उस बैंक को कहते है जिसमे सबसे अधिक निजी व्यक्तियों का लेनदेन होता है या फिर यूं कहे की इस प्रकार की बैंक मे प्राइवेट शेयरधारको का काम अधिक होता है। लेकिन इस बैंक पर भो रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया का होता है। इसके अंतर्गत आने वाले प्रमुख बैंक है एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक,और एचडीएफसी बैंक आदि।
  3. विदेशी बैंक एक संस्था है जिसका मुख्यालय तो किसी अन्य देश मे है लेकिन इसकी कुछ कम्पनीयां भारत मे कार्य कर रही है, लेकिन इनके कार्य करने के तरीके समान ही होता है सिटी बैंक, आरबीएस बैंक और डीबीएस बैंक इसके प्रमुख बैंको मे से एक है।
  4. क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक ऐसी वैसे तो सभी कार्य करती है लेकिन इनके काम करने का मुख्य उद्देश्य किसानो, मजदूरों और निम्न स्तर पर काम करने वाले लोगों के लिए लोन देने के उदेश्य से बनाये गए है। यें बैंक भारत मे आम तौर पर ग्रामीण स्तर पर ही देखने को मिलते है। आरआरबी बैंक, ओड़िसा बैंक,अरुणाचल प्रदेश बैंक और जन-धन खाते बैंक इसके मुख्य बैंक है।

यें तो बात हो गयी भारत मे कार्य करने वाले प्रमुख कॉमर्शियल बैंको की अब हम बात कर लेते है आंगे और अन्य बैंको की भी, आइये इसका अध्यन नीचे और विस्तार से करते है।

2.पेमेंट बैंक

पेमेंट बैंक अभी हालही मे कुछ समय से भारत मे चलन मे आना प्रारम्भ हुए है यह भारतीय बैंकिंग उद्योग का नया मॉडल है जिसको शुरू करने का काम भी रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने ही किया है। इन बैंको को अभी लेनदेन करने के मामले मे पूरी तरह से स्वतंत्रता प्राप्त नहीं है यह एक निश्चित राशि को ही अपने अकाउंट मे जमा कर सकते है वर्तमान मे पेमेंट बैंक्स की अधिकतम जमा राशि 1 लाख रूपये है आंगे चलकर इसमें वृद्धि हो सकती है।

इस प्रकार के बैंक ATM, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी सुविधाओं को तो दे सकते है लेकिन यह किसी को कोई लोन नहीं दे सकते है।

पेमेंट बैंक के अंदर बहुत सारी बैंके कार्य करने लगी एयरटेल पेमेंट्स बैंक, पेटीएम पेमेंट्स बैंक और फिनो पेमेंट्स बैंक इसकी मुख्य शाखाएं है।

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3.सहकारी बैंक

सहकारी बैंक को कोआपरेटिव बैंक के नाम से भी जाना जाता है अगर हम भारत की बात करें तो भारत मे सबसे ज्यादा अभी सबसे ज्यादा यही बैंक कार्य कर रहे है इस प्रकार के बैंक ना कमाई और ना घाटा वाली पद्धति पर काम करते है और यह बैंक मुख्य रूप से शहरी क्षेत्र मे कारोबारीयों, छोटे व्यवसायी, उद्योगो और स्वरोजगार की सुविधाएं प्रदान करती है। इसके अलावा यह बैंक क़ृषि आधारित कार्यों जैसे पशुपालन और खेती के लिए भी कार्य करते है। इसलिए इन्हे सहकारी बैंको के नाम से जाना जाता है।

Bank

बैंक काम कैसे करती है

देखिये दोस्तों मैं आपको बता दू की बैंक जो कुछ भी लेनदेन होता है वह सिर्फ पैसो से ही सम्बंधित होता है इसलिए बैंको का कार्य पैसो के लेनदेन से ही है और यह इसी प्रकार का काम करती है। बैंक कैसे काम करती है इस बात को मैं आपको नीचे थोड़ा सा विस्तार से समझाता हूं।

देखिये दोस्तों जब भी कोई बैंक बनती है तो वह बैंक अपने बैंक मे लोगों के खाते खोलती वो भी बिल्कुल मुफ्त मे जब बहुत सारे लोग बैंक मे अपना खाता खुलवा लेते है तो उस बैंक खाते मे वह अपने पैसो को जमा जरूर करते है मतलब की बैंक लोगों के पैसो को जमा करती है और बैंक लोगों को उनके जमा पैसो पर कुछ प्रतिशत का ब्याज भी देती है और इसी ब्याज को पाने के लिए लोग अपने बैंक अकाउंट मे पैसा जमा करते है।

अब जो पैसे हम अपने बैंक मे जमा करते है नगदी के रूप मे उसका इस्तेमाल करके बैंक अपना बिज़नेस करती है, अब बैंक आपके इन जमा पैसो का इस्तेमाल करती है और लोगों को जरुरतमंद लोगों को लोन देती है और जिस प्रकार बैंक लोगों उनकी जमा राशि पर ब्याज देती है ठीक उसी प्रकार बैंक अपने द्वारा दिए लोन पर भी ब्याज लोगों से लेती है।

बैंक अपने ग्राहकों के लिए बिज़नेस के लिए बड़े-बड़े लोन भी देती है जिससे ही लोग इतने बड़े बिज़नेस करते है, बैंक केवल बिज़नेस के लिए ही नहीं बल्कि कृषि और घर बनाने इन सभी कामों के लिए भी लोन दिया करती है।

इस प्रकार से बैंक हमारे यानि की जनता के ही पैसो का उपयोग करके अपने सभी कार्य करती है और अगर हम बात करें बैंको के मुनाफे की तो कई लोग बैंको से लोन लेते है और बैंक को ब्याज देते है क्योंकि बैंक लोगों की जमा राशि पर उतना ब्याज नहीं देती है जितना ब्याज वह अपने द्वारा दिए गए लोन पर लेती है, कहने का तात्पर्य यह की बैंक की देने की ब्याज दर कम है और लेने की ब्याज दर अधिक है इसी आधार पर बैंको को फायदा होता है। अब आप इस तरह से समझ ही गए होंगे की बैंक किस तरह से काम करते है।

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बैंक के कार्य

बैंको के कुछ महत्वपूर्ण कार्य भी होते है जिन्हे पूर्ण करना प्रत्येक बैंक के लिए बहुत ही आवश्यक होता है। नीचे बैंक के कुछ कार्य के बारे मे हम आपको बताते है।

  • जमा को प्राप्त करना।
  • ऋण प्रदान करना।
  • धन और लोगों की मूल्यवान वस्तुओ की सुरक्षा करना।
  • धन का स्थानतरण।
  • साख का निर्माण करना।
  • आर्थिक मामलो मे सलाह देना।
  • विदेशी व्यापार को बढ़ावा देना।
  • पूंजी का निर्माण करना।
  • जनता को जीवन बीमा देना।

बैंक द्वारा प्रदान की जाने वाली सुविधाएं

वर्तमान मे अब बैंक सिर्फ लोगों का पैसा जमा करने हुए लोगों को लोन देने की बस सुविधा नहीं दे रही है अनेक प्रकार की सुविधा एक बैंक जनता को पप्रदान करती है जिससे अधिक से अधिक लोग बैंक मे अपना खाता खुलावा रहे है। चलिए जानते है बैंक द्वारा हमें कौन-कौन सी सुविधा दी जाती है।

  • बैंक लोगों की जमा को सुरक्षित रखते है और उस पर ब्याज भी देते है जिससे उनके पैसो मे बढ़ोतरी होती है।
  • बैंक लोगों को लॉकर की सुविधा प्रदान करने लगी है जिसमे लोग अपने दस्तावेज हऔर आभूषण को सुरक्षित रख सकते है।
  • बैंक लोगों को क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड की सुविधा प्रदान करती है।
  • बैंक लोगों को व्यवसाय के लिए बड़े और छोटे दोनों प्रकार के लोन भी देती है।
  • बैंक अब लोगों को ऑनलाइन नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग की भी सुविधा देने लगी है।
  • बैंक जनता को उनके भविष्य की दुर्घटना को लेकर बीमा की सुविधा भी देती है।
  • बैंक हमें ATM कार्ड भी देती है जिसकी मदद से हम कही पर भी कैश को निकाल सकते है।

एक बैंक इन सब के अलावा भी लोगों को अनेक प्रकार की सुविधाएं देती है जिससे लोगों की आर्थिक स्थिति सुधरे और उनके जीवन स्तर मे वृद्धि हो सके। इस प्रकार से देश की विकास की दर भी बढ़ जाती है।

भारत के कुछ प्रसिद्ध बैंक

यदि आप अपना एक नया बैंक अकाउंट खुलवाने के बारे मे  सोच रहे है या फिर आपके बच्चे जिनका अभी किसी भी बैंक मे अकाउंट ओपन नहीं हुआ है और बैंक मे खाता खुलवाना चाहते है तो हम आपको नीचे कुछ बेहतरीन बैंको के बारे बता रहे है जिनमे से किसी भी बैंक मे आप खाता खुलवा सकते हो।

  • स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया
  • बैंक ऑफ़ बरोदा
  • एक्सिस बैंक
  • एचडीएफसी बैंक
  • यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया
  • सेंट्रल बैंक
  • इंडियंन बैंक
  • बैंक ऑफ़ पंजाब
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ऊपर जिन भी बैंको के नाम हमने आपको दिए है वह सभी भारत के बेहतरीन बैंको मे से एक है इन बैंको मे लेनदेन की प्रक्रिया बहुत ही आसान है और अब तक इनके पुराने रिकॉर्ड बहुत अच्छे रहे है।

बैंक के फायदे

आज के समय मे किसी भी देश के विकास मे बैंको का महत्व सबसे अधिक होता है आज हमारे देश मे भी बैंको के होने से बहुत लाभदायक फायदे हमारे देश की जनता को हो रहे है। बैंको के बिना किसी भी देश की आर्थिक प्रक्रिया का चलना बहुत ही मुश्किल है। चलिए नीचे कुछ बिन्दुओ के माध्यम से जान लेते है बैंको के होने हमें क्या फायदे है।

  • बैंक के होने का सबसे बड़ा फायदा हमें यह मिल रहा की अब साहूकारों और महजनों के मनमाने ब्याज से मुक्ति मिल रही है।
  • बैंक के होने से हम अपने धन को सुरक्षित रख पा रहे है क्योंकि इससे चोरी और लूटने जैसी वारदात घट रही है।
  • बैंको से हमें अपने आर्थिक विकास मे मदद मिल रही है
  • बैंक सरकार को आर्थिक सलाह देने मे करते है।
  • बैंक की मदद से आर्थिक शोषण की दर मे गिरावट आयी है।

निष्कर्ष

आशा करता हूं आपको हमारे द्वारा दी गयी जानकारी बैंक किसे कहते है काफ़ी पसंद आयी होंगी। इस लेख मे हमने बैंक से सम्बंधित सभी जानकारी देने का प्रयास किया अगर इसके बाद भी आपको इससे सम्बंधित कोई प्रश्न है तो हमें कमेंट करके जरूर बताये और साथ ही यह भी बताये की आपको हमारा यह लेख कैसा लगा।

तो दोस्तों अगर आपको हम यह लेख अच्छा लगा हो जानकारी का स्त्रोत लगा हो तो इसे अपने मित्रो के साथ व्हाट्सप्प, फेसबुक और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर जरूर शेयर करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

  • भारत मे बैंको के प्रकार

    1 कमर्शियल 2 सहकारी 3 पेमेंट बैंक

  • बैंक क्या है?

    बैंक उस सरकारी या निजी वित्तीय संस्था को कहते है जहाँ पर हम अपने पैसो का लेन-देन करते है जैसे की पैसो को जमा करना और पैसो को निकालना  जहाँ पर भी हमारे पैसो की इन सभी गतिविधियों को पूरा किया जाता है उसे हम बैंक कहते है।

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