Bageshwar Dham:होली का त्यौहार बुंदेलखंड से हुआ है प्रारम्भ बताया बागेश्वर सरकार धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने
आज के समय मे बागेश्वर सरकार पण्डित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी किसी नाम के मोहताज नहीं है, उनकी चर्चा केवल देश मे ही नहीं बल्कि विदेशो मे भी खूब जोर पकड़ रही है, उनका कोई ना कोई वीडियो रोज सोशल मीडिया पर वायरल होता रहता है। अब उनकी प्रसिद्धि इतनी अधिक बाद गयी है देश के सभी नेशनल न्यूज़ चैनल उनके इंटरव्यू और बात चित करने के लिये कतार मे लगे रहते है,उनके हर एक ब्यान को अब देश के सभी न्यूज़ चैनलो पर दिखाया जाता है।
इस बार भी होली के अवसर पर Zee News के संवादाता दीपक चौरसिया ने उनसे बागेश्वर मे खास बात चित कि, उसी बात चित के दौरान बागेश्वर सरकार पण्डित धीरेन्द्र कृष्ण ने बताया कि होली का त्यौहार हमारे बुंदेलखंड से ही शुरू हुआ है।
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Bageshwar Dham: होली कि प्रथा बुंदेलखंड से हुयी शुरू – पण्डित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री
बागेश्वर सरकार पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि होली की कथा बुंदेलखंड से प्रारंभ हुई, बुंदेलखंड में एक जिला है झांसी यहां से 80 किलोमीटर दूर ऐरच नामक एक गाँव है,वही पर पास हिरनकश्यप का राज्य था, उस गाँव मे प्रहलाद और होलिका कि मुर्तिया है वही पर बेतवा नदी के पास एक पर्वत है, जहाँ से प्रहलाद को निचे धक्का देकर फेंक दिया गया था लेकिन ईश्वरीय कृपा से वह बच। उस गाँव मे आज भी होलिका दहन होता है।
हमारा बुंदेलखंड साधन संपन्न नहीं लेकिन साधना संपन्न जरूर है
इस बात चित के दौरान पण्डित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी ने बुंदेलखंड कि खूब तारीफ कि उन्होंने बुंदेलखंड कि महिमा को बताते हुए कहा कि हमारा बुंदेलखंड बहुत अच्छा है यह ऐसा छेत्र है जो साधन संपन्न भले ही ना हो लेकिन साधना संपन्न जरूर है, यहां पर बहुत से प्राचीन स्थान जहाँ देश विदेश से लोग आते है और वहुत आनंदित होंते है यहां पर खजुराहो जैसे स्थान है जो एक अन्तर्राष्ट्रीय पर्यटन स्थल है।

बाबा बागेश्वर कहते है हमारे बुंदेलखंड के लोग बहुत भोले – भले है, ये छेत्र अनेक रंगों से भारत पड़ा है चाहे वह मैहर कि माता का मंदिर, जटाशंकर का भीमकुण्ड और हमारा बागेश्वर धाम यहां से कोई भी भक्त कभी खाली हाथ नहीं जाता है, जो भी भक्त यहां विश्वास से आता कुछ ना कुछ भगवान कि कृपा से लेकर जाता है।